हिन्दी पखवाड़ा 2026 – उद्घाटन सत्र
14 सितंबर 2026
Barrackpore
भाकृअनुप-केन्द्रीय अन्तर्स्थलीय मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान में हिन्दी पखवाड़ा-2026 का आयोजन दिनांक 14 से 28 सितंबर 2026 तक किया जा रहा है। हिन्दी पखवाड़े का शुभारंभ दिनांक 14 सितंबर 2026 को संस्थान मुख्यालय में आयोजित उद्घाटन समारोह के साथ हुआ।

कार्यक्रम का प्रारंभ राजभाषा प्रतिज्ञा के साथ किया गया। तत्पश्चात् श्री संजीव कुमार साहू, वैज्ञानिक ने स्वागत सम्बोधन प्रस्तुत किया। उन्होंने संस्थान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए संस्थान की गतिविधियों एवं कार्यों में हिन्दी की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
इस अवसर पर संस्थान के विभिन्न प्रभागाध्यक्षों ने हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग, प्रचार-प्रसार तथा भविष्य की कार्ययोजना के संबंध में अपने सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि संस्थान के प्रमुख हितधारक किसान हैं और हिन्दी एक महत्वपूर्ण संपर्क भाषा के रूप में कार्य करती है। इसके माध्यम से देश के सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले किसानों तक वैज्ञानिक एवं तकनीकी जानकारी प्रभावी ढंग से पहुँचाई जा सकती है।

संस्थान के निदेशक, डॉ. प्रदीप डे ने अपने संबोधन में कहा कि हिन्दी के प्रयोग को बढ़ावा देने में सबसे बड़ी चुनौती हिन्दी के प्रति व्याप्त संकोच एवं कुंठा है, जिसे दूर करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्यों की प्राप्ति में हिन्दी के प्रचार-प्रसार तथा इसके प्रभावी प्रयोग की महत्वपूर्ण भूमिका है। निदेशक महोदय ने कविगुरु रवीन्द्रनाथ टैगोर के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि भारतीय भाषाओं को नदियों के रूप में देखा जाए, तो हिन्दी एक ऐसी महानदी है, जिसमें विभिन्न भारतीय भाषाओं का सार-तत्व समाहित है। उन्होंने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के नेतृत्व में आजाद हिन्द फौज के प्रसिद्ध गीत “कदम-कदम बढ़ाए जा” का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे हिन्दी में तैयार करने का उद्देश्य अधिकाधिक लोगों को स्वतंत्रता संग्राम से जोड़ना था।
उन्होंने आगे कबीर और गुरु नानक की रचनाओं में प्रयुक्त सधुक्कड़ी एवं पंचमेल/पंचमुखी भाषा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय भाषाओं की विविधता के बावजूद उनमें आपसी संवाद और समन्वय की अद्भुत क्षमता रही है। हिन्दी ने इसी समन्वयकारी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए विभिन्न भाषाओं और क्षेत्रों के लोगों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, डॉ. अम्बर कुमार चौधरी, सहायक प्राध्यापक, रवीन्द्र भारती विश्वविद्यालय, कोलकाता ने अपने संबोधन में हिन्दी भाषा की समृद्धता पर प्रकाश डालते हुए इसमें सम्मिलित विभिन्न भाषाओं के शब्दों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि हिन्दी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों के बीच हिन्दी के प्रयोग को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। उन्होंने नियमित पत्राचार, टिप्पणी एवं प्रारूप लेखन, कार्यालयीन बैठकों में विचार-विमर्श तथा तकनीकी एवं वैज्ञानिक कार्यों में सरल एवं सहज हिन्दी के प्रयोग पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. अंजना एक्का, वरिष्ठ वैज्ञानिक ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उद्घाटन समारोह संस्थान के निदेशक महोदय के मार्गदर्शन में सुश्री सुनीता प्रसाद, मुख्य तकनीकी अधिकारी (हिन्दी) तथा श्रीमती सुमेधा दास, वरिष्ठ तकनीकी सहायक (हिन्दी) के सहयोग से सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।






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2017 Last updated on 14/09/2026